रायपुर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत 2018 में भर्ती एक डॉक्टर राहुल अग्रवाल के फर्जी होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरटीआई के जरिए डिग्री और रजिस्ट्रेशन की जानकारी मांगे जाने पर खुलासा हुआ कि उसके पास न तो MBBS डिग्री थी और न ही मेडिकल काउंसिल का पंजीयन।
जानकारी के मुताबिक, राहुल अग्रवाल ने रायपुर के खोखोपारा और मठपुरैना पीएचसी में कार्य किया, यहां तक कि जिला अस्पताल में भी करीब एक साल मरीजों का इलाज किया। दस्तावेज पेश न करने पर हाईकोर्ट से मिले 90 दिन के अतिरिक्त समय और फिर एक माह की मोहलत में भी वह कोई सबूत नहीं दे सका।
NHM ने उसकी सेवाएं समाप्त कर दीं और अब सवाल उठ रहा है कि बिना डिग्री वाले डॉक्टर की भर्ती आखिर कैसे हुई? जांच में पता चला कि वह कायाकल्प और PCPNDT टीम का भी हिस्सा था, जिससे आशंका है कि प्रदेश में और भी फर्जी डॉक्टर सक्रिय हो सकते हैं।
फर्जीवाड़े के बाद प्रदेश भर में सरकारी और प्राइवेट डॉक्टरों की डिग्रियों की दोबारा जांच की मांग तेज हो गई है, ताकि इस तरह के मामले सामने आ सकें।
