दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में अवैध अफीम की खेती का बड़ा मामला सामने आया है। समोदा–झेंझरी गांव में करीब 5 से 6 एकड़ जमीन पर की जा रही अफीम की खेती का खुलासा होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लगभग 14 लाख अफीम के पौधे जब्त किए हैं। इस मामले में भाजपा के पूर्व किसान मोर्चा अध्यक्ष विनायक ताम्रकार को गिरफ्तार किया गया है।
मामला सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई है। कांग्रेस ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी मौके पर पहुंचे और भाजपा नेताओं पर सवाल उठाए।
राजस्थान के दो आरोपी फरार
पुलिस के अनुसार इस मामले में राजस्थान के रहने वाले दो लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। इनमें मनीष ठाकुर और विकास विश्नोई शामिल हैं। अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि फरार दोनों आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें राजस्थान भेजी गई हैं।
8 करोड़ रुपये की अफीम नष्ट की जा रही
दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने प्रेसवार्ता में बताया कि करीब 8 करोड़ रुपये मूल्य के अफीम के पौधे जब्त किए गए हैं। लगभग 600 क्विंटल पौधों को खेतों से उखाड़कर नष्ट किया जा रहा है। इसके लिए स्थानीय महिलाओं और पुलिस जवानों की मदद ली जा रही है, जबकि खेतों में ट्रैक्टर भी चलाए जा रहे हैं।
अफीम के पौधों को नष्ट करने की प्रक्रिया की निगरानी के लिए अभिषेक शांडिल्य की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया है।
विधानसभा में हंगामा, 31 विधायक निलंबित
इस मामले की गूंज Chhattisgarh Legislative Assembly में भी सुनाई दी। कांग्रेस विधायकों ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए स्थगन प्रस्ताव के तहत चर्चा की मांग की। हंगामे के बीच स्पीकर ने 31 विधायकों को विधानसभा की कार्यवाही से निलंबित कर दिया।
विपक्ष इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है, जबकि पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क की एंड-टू-एंड जांच की जा रही है और इसमें शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
