करोड़ों की कैश-ज्वेलरी बरामद, गोवा कैसिनो से दुबई कंपनियों तक फैला नेटवर्क
बेंगलुरु/दिल्ली। संसद में ऑनलाइन गेमिंग बिल पारित होने के महज एक दिन बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कर्नाटक कांग्रेस विधायक के. सी. वीरेंद्र के ठिकानों पर जोरदार छापेमारी की। कार्रवाई में ईडी को करीब 12 करोड़ रुपये कैश, जिनमें विदेशी मुद्रा भी शामिल है, के अलावा 6 करोड़ रुपये से अधिक कीमत की ज्वेलरी, 10 किलो चांदी और लग्जरी गाड़ियां मिलीं।

7 शहरों में 31 ठिकानों पर दबिश
ईडी ने शुक्रवार को कर्नाटक, गोवा, महाराष्ट्र, राजस्थान और सिक्किम समेत कई राज्यों में एकसाथ दबिश दी।
- बेंगलुरु, चितदुर्गा और हुबली में विधायक से जुड़े ठिकानों की तलाशी ली गई।
- गोवा में पांच बड़े कैसिनो को भी सर्च किया गया, जिनमें Big Daddy और Ocean Rivers जैसे नाम शामिल हैं।
- गंगटोक में छापे के दौरान विधायक को हिरासत में लिया गया।
ऑनलाइन सट्टेबाजी का जाल
जांच में सामने आया है कि वीरेंद्र और उनके सहयोगी King567, Raja567 और Rathna Gaming जैसे प्लेटफॉर्म के जरिये ऑनलाइन बेटिंग चलाते थे।
- उनके भाई के. सी. थिप्पेस्वामी दुबई से तीन कंपनियां – Diamond Softech, TRS Technologies और Prime9 Technologies – ऑपरेट कर रहे थे।
- यह नेटवर्क कॉल सेंटर सेवाओं और गेमिंग ऑपरेशन्स के जरिये हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा हुआ पाया गया।
गंगटोक में पकड़ाए विधायक
सूत्रों के मुताबिक, वीरेंद्र हाल ही में गंगटोक गए थे और वहां एक लैंड कैसिनो को लीज पर लेने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान ईडी ने उन्हें गिरफ्तार किया और अब उन्हें बेंगलुरु कोर्ट में पेश करने की तैयारी है।
मनी लॉन्ड्रिंग के पुख्ता सबूत
छापों के दौरान ईडी को ऐसे कई दस्तावेज मिले हैं जिनसे यह साफ हुआ कि अवैध कमाई को शेल कंपनियों और बैंक खातों के जरिए वैध दिखाने की कोशिश की जा रही थी। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
