Chhattisgarh

मुंबई वोटर लिस्ट में बड़ा खुलासा: 11% नाम दोहराए गए, निकाय चुनाव से पहले बढ़ी चिंता

मुंबई वोटर लिस्ट में बड़ा खुलासा: 11% नाम दोहराए गए, निकाय चुनाव से पहले बढ़ी चिंता

मुंबई। महाराष्ट्र नगर निकाय चुनाव से ठीक पहले मतदाता सूची को लेकर एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। राज्य चुनाव आयोग की ओर से जारी ड्राफ्ट लिस्ट में यह पाया गया है कि मुंबई में करीब 11 फीसदी वोटर्स ऐसे हैं जिनके नाम एक से अधिक बार दर्ज हैं। कुल 1.03 करोड़ मतदाताओं में से 11 लाख से ज्यादा नाम डुप्लीकेट पाए गए हैं। इनमें कुछ नाम दो बार दर्ज हैं, तो कुछ मामलों में 100 से अधिक बार भी रिपीट एंट्री मिली है।

राजनीतिक दलों ने इस खुलासे को बेहद गंभीर बताते हुए कहा है कि यह चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। वहीं चुनाव आयोग ने इन डुप्लीकेट नामों को हटाने के लिए फिल्ड वेरिफिकेशन का निर्देश जारी किया है।

कई विपक्षी वार्डों में सबसे ज्यादा डुप्लीकेट एंट्री

आयोग द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, जिन वार्डों में सबसे अधिक दोहराव मिला है, उनमें से अधिकांश में पहले विपक्षी दलों के पार्षद चुने गए थे। पांच सबसे अधिक प्रभावित वार्डों में से चार ऐसे हैं जहां शिवसेना (UBT) और राकांपा (शरद पवार) के जनप्रतिनिधि रहे हैं। दो वार्ड वर्ली विधानसभा क्षेत्र में आते हैं, जहां से शिवसेना (UBT) के आदित्य ठाकरे विधायक हैं।

आयोग ने बताईं डुप्लीकेट्स की वजह

राज्य चुनाव आयोग ने नामों की पुनरावृत्ति के पीछे कई कारण बताए—

  • प्रिंटिंग में त्रुटियाँ
  • मतदाताओं का दूसरी जगह स्थानांतरित हो जाना
  • मृत मतदाताओं के नाम समय पर न हट पाए
    आयोग ने कहा कि अब बूथ लेवल अधिकारी घर-घर जाकर फॉर्म भरेंगे और वेरिफिकेशन रिपोर्ट देंगे, ताकि अंतिम सूची में हर मतदाता का नाम केवल एक बार ही रहे।

BMC चुनाव में देरी की आशंका

अधिकारियों के मुताबिक, डुप्लीकेट एंट्री हटाने की धीमी प्रक्रिया के कारण मुंबई के निकाय चुनाव, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट ने 31 जनवरी से पहले कराने का निर्देश दिया है, उनकी तारीख आगे बढ़ सकती है। स्थिति के आधार पर चुनाव जनवरी के अंत में या फरवरी के पहले हफ्ते तक खिसक सकते हैं।

विपक्ष का आरोप— “लिस्ट में भारी गड़बड़ी”

आदित्य ठाकरे सहित कई विपक्षी नेताओं ने भी मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। आदित्य ठाकरे ने सोशल मीडिया पर कहा कि “लाखों नाम दोहराए गए हैं, घरों के फर्जी पते जोड़े गए हैं और कार्ड में बुनियादी जानकारी भी सही नहीं है।” उन्होंने मांग की कि आपत्ति दर्ज करने की समय सीमा बढ़ाई जाए, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष हों।


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Editor Jamhoora

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